love and बेवफाई SMS

जान कर भी वो मुझे जान ना पाए , आज तक वो मुझे पहचान ना पाए,
खुद ही कर ली बेवफाई हमने ,ताकि उनपर कोई इल्जाम न आये...


इस जहाँ मे मोहबत काश ना होती ,तो सफर-ए-ज़िंदगी मे मिठास ना होती,
अगर मिलती बेवाफाओ को सजा में मौत ,तो दिवानों कि कब्रें कभी उदास ना होती...


ना जाने ये नज़ारे क्यो उदास रहते है ,ना जाने इन्हें किसकी तलाश रहती है,
ये जान कर की वो किस्मत मे नही है ,फिर भी उन्हें पाने की आस रहती है...


नूर को नूर बना देता है इश्क ,ज़ख्म को नासूर बना देता है इश्क,
कौन कहता है मैं गुनाहों से प्यार करता हूँ ,गुनाह करने को मजबूर बना देता है इश्क...


नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली ,रहे दोनो खामोश पर बात कर ली,
मोहब्बत कि फिज़ा को जब खुश्क पाया, इन आँखों ने रो-रो कर बरसात कर ली...


ना जाने तुम पर इतना यकीन क्यों है ,तेरा ख्याल इतना हसीन क्यों है,
सुना है प्यार का दर्द मीठा होता है ,तो आंखो से निकला ये आंसू नमकीन क्यों है...


आँखों मे आँसुओ को उभरने ना दिया ,मिटटी के मोतियों को बिखरने ना दिया,
जिस राह पे पड़े थे तेरे कदमों के निशान ,उस राह से आज तक किसी को गुजरने ना दिया...


कल तन्हा रात में हमे आपकी याद आई ,आपकी याद मिटने के लिए हमने एक सिगरेट जलाई, क़यामत तो आ गई उस वक़्त ,जब कम्बक्त धुए ने भी आपकी ही तस्वीर बनाईं...


आप से दूर जाने का इरादा न था , सदा साथ रहने का वादा भी ना था,
आप याद ना करोगे ये जानते थे हम , पर इतनी जल्दी भूल जायोगे अंदाजा ना था...


मजबूरियाँ हमारी वो जान ना सके , फरमानो को हमारे वो मान ना सके,
कहते है वो हमें मर कर भी चाहेंगे , जीते जी हमे जो पहचान ना सके...


कोई प्यार ऐसा बनाया जाये, जिसके आँसुओ को पलको में छुपाया जाये,
रहे उसका मेरा रिश्ता कुछ ऐसा, कि अगर वो रहे उदास तो मुझ से भी मुस्कुराया न जाये॥


जब कभी खुदा आपको रुलाये, आपकी पलको पर एक आंसू ठहर जाये,
संभाल कर रखना उसको आखों कि सीप मे,क्या पता कल वो खुशियों का मोती बन जाये...


मेरे प्यार को दुनिया मे कोई समझ न पाया, रोता था जब तन्हा कोई मेरे साथ न आया,
मिटा दिया खुद को उसके प्यार मे, और लोग कहते हैं कि मुझे प्यार करना न आया...


हमे आदत थी पीने की उसने अपनी कसम देकर छुडा दी,
हम यारों की महफिल मे बैठे थे यारो ने उसी की कसम देकर पिला दी...


कफ़न मे लिपटी हुयी मेरी लाश थी ,ऐ दुनिया वालो मुझे वहीं दफनाना,
जहाँ मेरी और उसकी पहली मुलाक़ात थी.


मरने के बाद भी इंतजार होता है ,बंद आंखों से भी 'दीदार' होता है,
ज़रूरी नही कि प्यार में वफ़ा हो, बेवफा से भी प्यार होता है...


धोखा मिला जब प्यार में, ज़िंदगी में उदासी छा गयी,
सोचा था छोड़ देंगे इस राह को पर आज मोहल्ले में दूसरी आ गयी..


दर्द को भी दर्द होने लगा है दर्द खुद के गम धोने लगा है
दर्द से कह दो अब हम उस से नही डरते , दर्द हमे छोडकर खुद रोने लगा है


पल भर मे टूट जाये वो कसम नही , दोस्तो को भूल जाये वो हम नही,
वो हमे भूल जाये इस बात मे दम नही, क्योंकि वो हमे भूल जाये इतने बुरे हम नही..


ये गजलों कि दुनिया भी अजीब है, यहाँ आँसुओ का भी जाम बनाया जाता है,
कह भी देते है अगर दर्द-ए-दास्ताँ, फिर भी वाह-वाह ही पुकारा जाता है.


हमे न पीने का शौक था, न पिलाने का शौक था,
हमे तो नजरे मिलाने का शौक था,
लेकिन नजरे भी उनसे मिला बैठे, जिन्हें नज़रों से पिलाने का शौक था.



आपकी पलको पे ख्वाब रख गया कोई, आपकी सांसो पे नाम लिख गया कोई,
चलो वादा रहा भूल जाना हमे , अगर हमसे अच्छा मिल गया कोई...



Man ask to god what's love ?
God said - go to the garden & get the most beautiful flower.
Man returned empty handed & told i did found the most beautiful flower but i kept walking in hope of a better one. And Then i realised i ignored the best one . I went back but could not find it there.
God said - this Is love . You dont value it when you have it but repent when you lost it. So never let your love go !!


नफरत थी हमसे तो इजहार क्यों किया, देना था ज़हर तो प्यार क्यों किया,
देकर ज़हर कहते हो कि पीना ही होगा, और जब पी गए ज़हर तो कहते हो कि जीना ही होगा..


वह ढूँढते रहे हमें डगर-डगर, शायद उन्हें हमारी तलाश थी,
पर अफसोस जिस कब्र पे थे कदम उनके, उसी में हमारी लाश थी...


प्यार आ जाता है आँखों मे रोने से पहले ,हर ख्वाब टूट जाता है सोने से पहले,
इश्क है गुनाह ये तो समझ गए ,काश कोई रोक लेता यह गुनाह होने से पहले...


हमने वफ़ा की राह को आसान समझ लिया, कांटो की वादियों को गुलिस्ता समझ लिया,
हम इसे आशिकी कहे या सादगी, कातिल को हमने अपना मसीहा समझ लिया...


ज़िक्र उनका आता है मेरे फ़साने में, जिनको जान से ज्यादा चाहा हमने ज़माने में,
तन्हाई में उनकी ही याद का सहारा मिला, नाकाम रहे जिन्हें पाने मे...


मेरी हथेली तुम अपने पास रख लेना, जब दुआ मांगो तो इसे भी उठा देना,
हंसी मिले तो अपनी हथेली आगे कर देना , गम मिले तो मेरी हथेली मे समेट लेना...


ज़माने कि हर जन्नत आपके लिए होगी, ये आसमान ये जमीं आपके लिए होगी,
हमसे कह भी ना पाओगे उसके पहले, हमारे हिस्से कि हर ख़ुशी आपके लिए होगी...


आँसुओ के गिरने की आवाज़ नही होती, दिल के टूटने की आहट नही होती,
अगर होता खुदा को हर दर्द का एहसास, तो उसे दर्द देने की आदत नही होती...


हम न होते तो आपको ग़ज़ल कौन कहता, आपके चेहरे को गुलाब कौन कहता,
ये तो करिश्मा है हम प्यार करने वालों का, वरना पत्थरों को ताज महल कौन कहता...


ज़िंदगी एक चाहत का सिलसिला है, कोई मिल जाता है तो कोई बिछड जाता है,
जिन्हें मांगते है हम दुआओं में, वो किसी और को बिन मांगे मिल जाता है...


पूछा ना करो सबके सामने मेरी कहानी, कही ये नाम होटों से निकल न जाये,
जी भर के देख लेने दिया कर, क्या पता ज़िंदगी की शाम कब ढल जाये...


दिल-ए-आरजू ने हमे दीवाना बना दिया, रोये न थे कभी पर उसने रुला दिया,
उसे याद न आई होगी भूले से कभी, और हमने उसकी याद मे ज़माना भुला दिया...


हमने भी किसी से प्यार किया था, थोडा नही बेसुमार किया था,
हमारी तो दुनिया ही बदल गयी जब उसने कहा अरे मैंने तो सिर्फ मजाक किया था...


जाम पे जाम पीने से क्या फायदा ,रात गुजरी तो उतर जायेगी,
किसी कि आंखों से पीयो खुदा कि कसम ,उम्र सारी नशे में गुजर जायेगी .


यादों मे कभी आप भी खोये होंगे ,खुली आँखों से कभी आप भी सोये होंगे,
माना हँसना है आदत गम छुपाने कि,पर हँसते-हँसते कभी आप भी रोयें होंगे!!!


और लोगों से कुछ खास हो आप, वो खुशकिस्मत हैं जिसके पास हो आप,
हमारे लिए वो वक़्त ही हसीं है, जब हमको याद करके दिल से मुस्कराते हो आप...


इतनी आसानी से कैसे भूल जाता है कोई ,रह रहकर क्यों याद आता है कोई,
उमर भर याद करते रहेंगे हम ,देखते कब तक हमे भूलता है कोई.


तरस जाओगे तुम महफिल ए वफ़ा के लिए, किसी से प्यार न करना खुदा के लिए,
जब लगेगी इश्क कि अदालत एक दिन, हम ही चुने जायेगे सजा के लिए...


आज खुदा ने फिर पूछा, तेरा हँसता चेहरा उदास क्यों है,
तेरी आंखो मे प्यास क्यों है, जिनके पास तेरे लिए "वक़्त" नही है,
वही तेरे लिए "खास" क्यों है...


उनकी याद दिल से भुलाई नही जाती, ये दिल कि दौलत हर रोज़ लुटाई नही जाती,
किस मुँह से कहते हैं लोग उनको भूल जाये, ये प्यार कि दुनिया है ,हर रोज़ बसाई नही जाती...


गम मे हँसने वालों को कभी रुलाया नही जाता, लहरों से पानी को हटाया नही जाता,
होने वाले खुद ही हो जाते हैं अपने, किसीको कहकर अपना बनाया नही जाता...


तन्हाई ना पाए कोई किसी के साथ के बाद, जुदाई ना पाए कोई किसी से मिलने के बाद,
ना पड़े किसी को आदत किसी की इतनी कि , हर सांस भी आये किसी की याद के बाद...


हर गम सहा तेरे प्यार के खातिर, हर दीवार तोडी तेरे दीदार के खातिर,
उम्मीद मिटा दी तुम्हे पाने के खातिर ,और तुमने दिल तोड़ दिया ज़माने के खातिर...


एक रात वो मिले ख्वाब मे ,हमने पूछा क्यों ठुकराया आपने?
जब देखा तो उनकी आखो मे भी आसू थे ,फिर कैसे पूंछते क्यों रुलाया आपने?

जाने क्यों हमे मुस्कुराना नही आता, किसी को दर्द ए दिल बताना नही आता,
जाने क्यों बिछड जाते हैं साथी, शायद हमें ही साथ निभाना नही आता...

रूठे है वो कुछ इस तरह कि , उन्हें मानना भी मुश्किल हो गया है,
क्या पता कोई खता हो गयी हमसे या कोई और उनके करीब हो गया है...

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